יום רביעי, 23 ביולי 2008

सरकार जीत गई
संप्रग सरकार जीत गई। सोनिया गाँधी जीत गईं। मनमोहन सिंह भी जीत गए। हार किसकी हुई? शायद आम जनता की। हार मायावती की भी हुई है। मायावती जी मानें या न मानें। हार उनकी सबसे बडी है। जो सपना उनोहोने लेफ्ट की आंखों से देखा वह चूर चूर हो गया। अब सबके सुर बदल गए हैं। प्रकाश कारत अब मायावती का नाम नही ले रहे हैं। नायडू साहब पूछ रहे हैं की कौन मायावती? खुश हैं मुलायम सिंह यादव। अमर सिंह। साथ मे राजा भइया भी। इस तिकड़ी को मायावती ने सबसे ज्यादा परेशान किया है। तीनों को मौके का इंतजार था। लेकिन, प्रमोद तिवारी का क्या होगा? सपा का कांग्रेस से गठबंधन हुआ तौ प्रमोद की आँखें राजा भइया से कैसे मिलेंगी? लेकिन यह भारत की राजनीती है। यहाँ सबकुछ सम्भव है।